ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्ते के संघर्षविराम पर कैसे बनी बात? पाकिस्तान नहीं ये देश बना सूत्रधार! खुल गया होर्मुज!
अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन से जारी जंग के बाद आखिरकार 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बन गई है।
तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन से जारी जंग के बाद आखिरकार 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया। सीजफायर से पहले ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो वह उसकी पूरी सभ्यता खत्म कर देंगे। उन्होंने अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की भी धमकी दी थी।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह डील पाकिस्तान की मध्यस्थता और आखिरी समय में चीन के दखल के बाद संभव हो पाई। पाकिस्तान ने 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया।
अमेरिका ने ईरान को होर्मुज खोलने या तबाही के लिए तैयार रहने का बुधवार सुबह 5.30 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था. उल्टी गिनती शुरू होने के बीच पूरी दुनिया सांसें थामे हुए दुआ कर रही थी कि दोनों देशों के बीच कोई सहमति बन जाए ताकि और ज्यादा विनाश न हो. समयसीमा खत्म होने के ठीक डेढ़ घंटे पहले भारतीय समयानुसार सुबह करीब 4 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पोस्ट आया, जिसमें सीजफायर का ऐलान किया गया. फिर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ का भी 5.30 बजे के करीब पोस्ट आया कि दोनों देशों के बीच जंग रोकने पर रजामंदी हो गई है. पाकिस्तान दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे संदेशवाहक की भूमिका निभा रहा था. सीजफायर के कुछ घंटों पहले दोनों पक्षों की ओर से नानुकुर के साथ शर्तें थोपी जाती रहीं और फिर थोड़ा नरमी दिखाते हुए संघर्षविराम पर मुहर लगा दी गई. ट्रंप ने दो टूक कहा था कि अगर ईरान होर्मुज खोलने और दो हफ्तों के लिए संघर्षविराम पर राजी नहीं हुआ तो हम पूरी सभ्यता को खत्म कर देंगे.
डोनाल्ड ट्रंप झुके या मोज्तबा खामेनेई?
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका-ईरान और इजरायल संघर्षविराम पर भले ही दोनों देश जीत का दावा कर रहे हों और ये दोनों पक्षों के लिए राहत की बात है. होर्मुज ब्लॉक होने से कच्चे तेल की कीमतों, घरेलू मोर्चे पर दबाव से ट्रंप फिलहाल बीच का रास्ता चाहते थे. वहीं युद्धविराम के कुछ घंटों पहले तेल के भंडार खार्ग द्वीप पर हमले से ईरान को वार्निंग सिग्नल मिला, उसके बाद उसके पास भी बातचीत की टेबल पर आने के अलावा कोई ठोस विकल्प नहीं था. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर शुल्क की शर्त मनवा लेना भी उसकी जीत है.
ईरान के प्रस्ताव पर अमेरिका की सहमति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि ईरान ने अमेरिका को 10 पॉइंट का प्लान भेजा है। उन्होंने कहा कि इस पर आगे बातचीत की जा सकती है।
वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने दावा किया है कि अमेरिका ने उसका 10 पॉइंट प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। काउंसिल के मुताबिक यह समझौता ईरान की शर्तों पर हुआ है और इसे देश की जीत बताया है।
- परमाणु कार्यक्रम के लिए संवर्धन की स्वीकृति
- ईरान और ओमान होर्मुज से जहाजों से शुल्क लेने की अनुमति
- संघर्षविराम के बदले अमेरिकी सैनिकों की ईरानी क्षेत्र से वापसी
- ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाया जाए
- ईरान की सीज परिसंपत्तियों पर लगी रोक हटाई जाए
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